Location : Vill- Deomornoi, P.O.-Deomornoi, P.S.- Mangaldai, Dist. Darrang (Assam) Pin- 784, India
गाँव- देवमोरनोई, डाक- देवमोरनोई, थाना-मंगलदाई, जिल्ला- दर्रांग (असम), पिन- ७८४ , भारत
नमस्कार ! आज में दर्रांग जिल्ला में स्थित एक बहुतही बड़ा एड़ी बीज उत्पादन केंद्र के बारे में बताने जा रहा हु जिसका नाम Govt. Eri Seed Grainage हे।
परिचय :
दरंग जिला के मुख्य सहर मंगलदाई सहर से लग-भाग 7-8 किलोमीटर दुरी में उत्तर-पछिम कोने में डोमोरनोई नाम का एक बहुतही सुन्दर और शिक्षित गाँव में ये GOVT. ERI SEED GRAINAGE नाम का केंद्र स्थित हे। पुरे 92 बीघा जमीन में फैला हुवा ये एड़ी उत्पादन केंद्र। ये केंद्र बहुतही खूबसूरत हे फार्म के बीज में से एक पक्का रास्ता गया हुवा हे। रस्ते के पूब दिशा में फार्म के कार्यालय, क्वार्टर, रेस्ट हाउस, प्रदशन हाउस अदि स्थित हे। रस्ते के पछिम दिशा में फार्म का ज्यादातर भाग स्थित हे। लाइन लाइन एक सामान बहुत सरे हारा एड़ी के पेड़ से भरा हुवा हे। ये दिश्य बहुत सुन्दर हे, और उस में बिभिन्न पक्षिओ का पुकार सुनने से इसका परिबेश बहुतही सुन्दर तथा अच्छा लगता हे। वर्तमान इस सरकारी एड़ी फार्म में 10 कर्मसारी हे। देख-भाल के आभाव में प्रॉडक्शन हाउस समूह इस्तेमाल का लायक नहीं रहा। क्वार्टर समूह भी सालोतक इस्तेमाल न होने के कारन सम्पूर्ण ख़राब हो गोया हे। मुठ 6 क्वार्टर हे। उसमे से 2 क्वार्टर में दो करमसरी अपने परिवार के साथ बहुतही बुरे हालत में रहते हे। लेट्रिन, बाथ रूम साथ में पानी का कोई व्यवस्ता नहीं हे। इस बिशाल फार्म में वर्तमान सालभर में सिर्फ 10 किलो एड़ी का बीज उत्पादन होता हे। फार्म का करमसरी के अनुसार यहां पर स्थानीय लोगोको भी कुछ नियम के तहत काम करने का व्यवस्था हे। स्थानीय लोगोको यहां काम करने का सुबिधा दिया जा रहा हे।
वर्तमान स्थिति :
वर्तमान इस फार्म के हालत बहुतही नाजुक हे। इस फार्म में पर्याप्त बिभागिए करमसरी नियुक्त होने के बाबजुत इसका उत्पादन बहुतही कम हे। इस फार्म का मूल उदेश्य हे एड़ी बीज उत्पादन करना। लेकिन इतनी सारे सुबिधा होने के साथ साथ इतनी विशाल फार्म के अनुपात में उत्पादन न होने के बराबर। सालभर में मात्र 10-12 किलो बीज का उत्पादन करके सरकारी दाईत्व समाप्त किया जाता हे। स्थानीय कुछ लोगोको यहां काम करते हुवे देखा जाता हे।
*** फार्म के पूब दिशा की भाग में प्रशासन बिभाग हे। सन्मुख भाग में पहले डाएने तरफ एक गेस्ट हॉउस हे। बाए तरफ पहले ऑफिस रूम उसके बाद बिभिन्न प्रशासनिक हॉउस अदि हे। फिर डाएने तरफ क्वार्टर समूह के साथ साथ और कुछ अलग सा घर हे।
*** लेकिन सबसे हैरानी की बात ये हे की इतनी बड़ी कैम्पस में पानी का कोई व्यबस्था नहीं हे। यही नहीं लेट्रिन, बाथ रूम का कोई व्यबस्था नहीं हे।
*** इस हालत में भी दो करमसरी अपनी परिवार के साथ टूटी फूटी क्वार्टर में रह रही हे। बाकि 6 क्वार्टर देखभाल की अभाव और लोग ना रहने के कारन पूरी तरह ख़राब हो गया हे।
*** मुठ 91 बीघा जमीन का इस बृहत् फार्म में 10-12 सरकारी कर्मसारी न्युजीत हो रहे हे। और मुख्य रूप से एड़ी बीज उत्पादन करना ही इस फार्म का मूल काम हे। एड़ी का बीज उत्पादन करके जनसाधारण के बिच इसको बितरण करके कर्महीन लोगो को स्वाबलंबी करना तथा कर्मसंस्थापन तैयार करना अदि ही इसतरह की फार्मो का मूल उदेश्य हे।
*** लेकिन इस बिशाल फार्म में मात्र 10-12 किलो ही एड़ी बीज उत्पादन होता हे। जिसका मूल्य लग-भाग 1 लाख मतलब इतनी विशाल फार्म, 10 से 12 करमसरी से सालभर में इतनी कम उत्पादन होने से किसको किया लाभ होगा ?
*** फॉर्म के कुछ करमसरी के अनुसार बहुतसारे आवेदन-निबेदन करने की बाद भी फार्म की देखभाल, पानी, लेट्रिन-बाथरूम अदि के व्यबस्था नहीं कर पाए। दुःख की बात हे की इतनी बड़ी सरकारी फार्म, 10-12 करमसरी होने की बावजूत यहाँ पर अंततः सबसे जरुरी पानी का भी सुबिधा नहीं हे। साथ में यहाँ लेट्रिन-बाथ रूम का भी सुबिधा नहीं हे। ये देख के बहुत अछरिया लगता हे।
*** दूसरी तरफ इस फार्म का प्राकृतिक परिबेश बहुतही सुन्दर हे। लाइन लाइन लम्बा एड़ी का पेरो के साथ साथ पेरो में बिभिन्न पक्षिओ का आवाज सुन कर मनको मोहित करता हे। साथ में सारो तरफ संत परिबेश यहां हमेशा बिराजमान हे।
*** इस फार्म के पास ही प्राचीन शियला बैष्णव सत्र नाम का पुराणिक मंदिर स्थित हे।
*** फॉर्म के कुछ करमसरी के अनुसार बहुतसारे आवेदन-निबेदन करने की बाद भी फार्म की देखभाल, पानी, लेट्रिन-बाथरूम अदि के व्यबस्था नहीं कर पाए। दुःख की बात हे की इतनी बड़ी सरकारी फार्म, 10-12 करमसरी होने की बावजूत यहाँ पर अंततः सबसे जरुरी पानी का भी सुबिधा नहीं हे। साथ में यहाँ लेट्रिन-बाथ रूम का भी सुबिधा नहीं हे। ये देख के बहुत अछरिया लगता हे।
*** दूसरी तरफ इस फार्म का प्राकृतिक परिबेश बहुतही सुन्दर हे। लाइन लाइन लम्बा एड़ी का पेरो के साथ साथ पेरो में बिभिन्न पक्षिओ का आवाज सुन कर मनको मोहित करता हे। साथ में सारो तरफ संत परिबेश यहां हमेशा बिराजमान हे।
*** इस फार्म के पास ही प्राचीन शियला बैष्णव सत्र नाम का पुराणिक मंदिर स्थित हे।
समाप्त :
इस विशाल एड़ी फार्म को सरकार की तरफ से बिभागीय व्यबस्था ग्रहण कर के बहुतही जल्द इसे कार्याख्यम करना जरुरी हो गया हे। किउकी यह न्युजीत विसया-करमसरी का कर्मसंस्कृति कम होते जा रहा हे इसका नतीजा ये हुवा हे की यहां पर स्थित सभी सीजे धीरे धीरे नस्ट हो जा रहा हे। इस तरह की अनदेखा अगर होता रहे तो लोगो के बीज कर्म संस्कृति बिलकुल लुप्त हो जायेगा।
*** वर्तमान समय में शिक्षित बेरोजगारो के लिए कर्म संस्कृति को कायम रख कर आत्म निर्भरशील बनाने की काफी सुबिधाय इस फार्म में हे। एड़ी सुता, एड़ी कपड़ा आदि सिजो का गुना-गन, इसका मूल्य और ये कितनी उन्नत हे इसका गुण हमारे लोगोके बीज नहीं हे। इसीलिए इस फार्म की तरफ लोगोका ध्यान गया नहीं। प्रचार माध्यम की तरफ से भी इस तरह की फार्म तथा एड़ी पालन के ऊपर कोई भी प्रचार नहीं करता। अगर साहे इस फार्म की तरफ से स्थानिए युवक युबतिया को ट्रेनिंग दे के उन लोगो को एड़ी का बीज बितरण करके एड़ी पालन के द्वारा स्वावलम्बी होने का रास्ता दे सकते हे। इसीलिए स्थानीय लोगोको ससेतन होना साहिए। इस फार्म को कार्याख्यम करने के लिए प्रयास करे। ये फार्म कार्याख्याम होने से सरकार के साथ साथ स्थानीय लोगोको भी कुछ लाभ होगा।
*** अंत में आशा करता हो की ये एड़ी फार्म बहुतही जल्द कार्याख्याम हो इसे सरकार को लाभ होने के साथ साथ स्थानीय लोगोको भी थोड़ा बहुत फ़ायदा हो। साथ में आशा करता होपालन स्कूल कालेज के विद्यार्थीओ को एड़ी बीज उत्पादन की प्रक्रया को दिखाय एड़ी के द्वारा किया करता हे, इसका गुणा-गुण आदि प्रचार करे। एड़ी पालन तथा इसके द्वारा किस तरह स्वालम्बी हो सके इसे समजाये। साथ में एड़ी के पेड़ से भरा हुवा इस बिशाल एड़ी फार्म का सुन्दर्य सभी लोग उपभोग करे।
*** और अंत में इस फार्म ने अधिक से अधिक उत्पादन हो, साथ में न्युजीत सभी करमसरी का कर्मप्रेरणा फिरसे जग उठे जिसके द्वारा इस फार्म में उत्पादित एड़ी बीज पूरी दुनिया के आगे समक उठे।
** जोई सरकारी एड़ी बीज उत्पादन केंद्र तथा
इसमें न्युक्त करमसरी बृंद **
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