Vill- Hazarikapara, P.O.- Hazarikapara, District-  Darrang (Assam), PIN- 784145, India

शालमाछ उठा मंदिर 

गाँव- हजारिकापारा, डाक- हजारिकापारा, जिला- दररंग (असम), पिन- ७८४१४, इंडिया 



दररंग जिल्ला का मंगलदाई सहर का ५२ नंबर रास्ट्रिय मार्ग में स्थित बोरडोलगुरी गाँव से करीब ३ किलोमीटर दक्षिण दिशाओं में हजारिकापारा गाँव है। इसी गाँव में एक बहुतही पुरानी तालाब  के पास शालमाछ उठा मंदिर स्थित हे। (शालमाछ मतलब एक बिसेष प्रकार का बरा मछली है) 



ईस मंदिर का एक रहष्य है - मंदिर में हर साल जून महीने में बारसिक उत्सव होता है। उत्सव के दौरान मंदिर में जो प्रशाद सराया जाता हे बो प्रशाद सामने की तालाब में से सलमास ऊठ कर आते हे और प्रशाद खाकर फिर पानी में साला जाता है। इसीलिए इस मंदिर का नाम शालमाछ उठा मंदिर हुवा। बर्तमान ये प्रशाद खाने बाला शालमाछ मिलता नही हे। फिरभी तालाब में शाल माछ रखा हुबा है। ये एक सक्रिए मंदिर है। हर जगह से हर तरह के काफी लोग इस मंदिर में आते है। मंदिर की पूब दिशा में एक शिब मंदिर भी है।  



मंदिर में हर साल जून महीने में जो बारसिक उत्शब होता है बो बरी धूम धाम से मनाया जाता हे। ओर काफी लोग जमा होते हे। रातको जो बत्ती जलाया जाता हे बो दृश्य देख ने की लायक हे। यहा का प्रशाद जिशको स्थानिय लोग 'भोग' बोलते हे बो इतने अछा हे खा कर कभी भुला नही जाता। आनेबाला सभी शर्धालु को ये प्रशाद मिलता हे।

अंत में ये आशा रखता हु की ये बीरल प्रजाति का मछली को तालाब के साथ संरक्षण हो ओर आने बाला समेंई में शाल माछ प्रजाति के इस मछली से तालाब भर जाई , ओर आने बले पीढ़ी इसे देख पाई।  

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