Location : Village- Hazarikapara (Kacharijhar), District- Darrang, Assam (India)

गाँव- हाजरिकापारा (कचारिझार),  दररंग, असम (इंडिया)



दर्रांग जिला का एक प्रशिद्ध स्थान महाबाहु ब्रहमपुत्र के सर में प्राकृतिक रूप से भरपूर कापुर पुरि मंदिर नाम का ये प्राचीन मंदिर स्थित हे। 

गोहाटी और मंगलदोई के बीच बोरडोलगुरी यहा से दक्षिण दिशा कि ओर करिब ५ किलोमितार में बराछुबा नाम का एक दूसरा गाँव हे। उसके बाद ब्रह्मपुत्र का एक  सूती है, यहाँ पर ये मंदिर है। ओहाँ पर जाने केलिए मिटी का बनाया हुवा बहुत उषा एक रास्ता है। लकिन बारिश के दिनों में ओहा पानी और कीचड़ जमा होता है। ओहाँ कोई बरे गारी नही जाता, छोटा गारी या बैंईक से जा सकता हे। ये पाकृतिक रूप से  बहुत सुन्दर स्थान हे।  




मूल स्थान में एक बहुत बरा अद्भुत और काफी पुरानी पेड़ है, उसमें कई अलग अलग कई प्रकार पेड़ के थल या शाखा एक ही पेड़ में दिखा जाता हे। इस पेड़ के निसे में हे एक जोनीपीठ और शिवलिंग हे। यहाँ पर रोज पूजा होता हे।    



इस स्थान के पुब दिसा में थोड़ी दूर एक दूसरा पेड़ हे बहा भी एक जोनिपीठ हे। देखने केलिए ये अद्भुत हे। इस पेड़ में लोग कपड़ा बंधता हे बिसेसकर महिला लोग। यहा आकर लोग खुश हो जेते हे। किउंकि ये स्थान बहुत हि सुन्दर हे।
    


सिंटा का कारन ये हे की इन दोनों पेड़ के ठीक नीसे रोज दीप जलाया जाता हे, और सरोऔर ओबाल (wall) दीया गया हे। जिसके कारन इस बिरल पेड़ का नोकसान हो सकता हे।

इस धार्मिक स्थल का प्राकृतिक रूप बहुत ही सुन्दर हे, सुट्टीया मानाने का भी ये स्थान बहुत ही सुन्दर हे। यहाँ के प्राकर्तिक संत परिबेश, महाबाहु ब्रह्मपुत्र का किनारा अदि सुंदरता ने लोगोका मन खुश कर देता हे। 

आशा करता हु की आप भी यहा आकर इस आनंद का अनुभव ले सकते हे।


अंत में आशा ये रखता हु की ये प्राचीन धार्मिक स्थान को पूरी दुनिया देखे और इस स्थान का गरिमा होमेसा अटूट रहे। 
ॐ 

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