Silar (Stone) Chotal
Village- Kholihoi, P.O. Ganesh Konwari, Dist.- Darrang (Assam) PIN- 784145, India,
शीलर चौटाल (पत्थर का आंगन)गांव- खोलीहोइ, डाक- गणेश कोंवरी, जिल्ला- दररंग ( असम) पिन- ७८४१४५, भारत
परिचय (Introduction) :
सिपाझर से जाते हुए खानदाजान पुल छोड़ने के बाद ही बाये तरफ एक छोटा सा रास्ता जाता हे। इसी रस्ते से लग भाग 5 की: मि: जाने के बाद रास्ते के दोनों तरफ कुछ बड़ा सा पत्थर देखा जाता हे। इसी स्थान को शिलर चौताल (पत्थरो का आंगन) कहा जाता हे। ये शिलर चौताल खोलीहोइ गांव के अन्तर्गत हे। नदी के किनारे का ये छोटा सा रास्ते जाने का आनंद ही कुछ ओर हे। रास्ते के दोनों तरफ बिविन्न खेत, पैर, जलासय आदि दृच्य बहूतही खूबसूरत हे। इस रास्तेसे काफी लोगो का आना जाना रहता हे लेकिन सभी को ये स्थान सायेद नजर नही आता हो। इसीलिए खास कर इसी स्थान को जाने से इसका आनंद लिया जा सकता हे। रास्ते के दोनों तरफ काफी कम लोगोका घर हे। सारोओर प्राकृतिक रूप से भरपूर हे। ये कृषि प्रधान इलाका हे।
वर्तमान स्तिथि (At present) :
1. पूब दिशा में रास्ते के पास ही एक बड़ा सा पत्थर हे। इस पत्थर का ज्यादातर मिटटी के निसे दबी हुई हे। इस के बाद ओर कई बड़े बड़े पत्थर हे। इस पत्थर के पास ही एक लोगो का घर हे।
2. पश्चिम दिशा में पत्थरो का मैदान हे। एहि पर रास्ते के किनारे एक छोटा सा एक Rice Mill हे।
3. पश्चिम दिशा की पत्थर सामान ओर मिटटी के साथ मिली हुई हे। इस में भी कुछ लोगो का घर हे।
4. इन घोड़ो की आंगन में भी कुछ पत्थर दिखा जाता हे।
इतिहास (History) :
इस स्थान की आस पास कोई पहर नहीं हे। लेकिन ये पत्थर इस स्थान पर कैसे पंहुचा इस का कोई जान कारी अभी तक नहीं हे। वहाँ का लोगो के अनुचर पहले ये स्थान जंगल से भरा हुवा था। धीरे धीरे रास्ता आदि होने के बाद पास की गांव से कुछ लोग यहाँ खेती बारी करके रहने लगा। इस स्थान के निसे पत्थरो से भरा हुवा हे। लोगो के अनुचर यहां कोई खोदाई पत्थरो के कारन नहीं कर सकती।
समाप्ति :
ये स्थान पत्थोरोंसे भरा हुवा होने के कारन ही लोग इसे शिलर चौताल (पत्थरो का आंगन) कहते हे। ये प्रकृतिगत पत्थरो के ऊपर आने वाला नए पिरही को रिचार्च करने की काफी कुछ हे। इस स्थान का अगर कोई अतीत इतिहास हे तो उसे खोज कर अतीत दररंग राज्य के बारे में काफी कुछ मिलने का आशा किया जा सकता हे।
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