Vill- Munitary, P.O. Rangamati, P.S. Mangaldai, Dist- Darrang (Assam), Pin - 784129 India
गोरिया बिल
गाँव- मुनिटारी, डाक- रांगामाटी, थाना- मंगलदाई, जिल्ला- दर्रांग (असम), पिन- ७८१२९ , भारत।
गोरिया बिल
गाँव- मुनिटारी, डाक- रांगामाटी, थाना- मंगलदाई, जिल्ला- दर्रांग (असम), पिन- ७८१२९ , भारत।
परिचय :
आज में गरिया बिल नाम का एक बिशाल जलासोइ के बरे में बताने जा रहा हु। दर्रांग जिल्ला के मंगलदाई सहर से लग भग 5-6 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम कोने में ये गरिया बिल नाम का एक बिशाल जलासोई स्थित हे। अब ये एक बिशाल कृषि भूमि में बदल रही हे। सिर्फ बिस की कुछ इलाका में ही बिल का अस्तित्वा बसा हुआ हे। बाकि सारो तरफ का जमीन पर स्थानीय लोगो ने खेती करने लगा हे। इस बिल को देखने केलिए मंगलदाई-छिपाझार रस्ते के बिस आउलाचौका नाम का एक चौक हे। इस चौक से दक्षिण की तरफ जानेवाला रास्तेसे लग-भाग 2-3 किलोमीटर जाने के बाद रस्ते के पश्चिम दिशा में रंगमती आदर्श हाई स्कुल, रंगमती वाटर सप्लाई अदि देखा जाता हे। उसके ठीक पुब दिशा में ये विशाल और अति सुंदर गरिया बिल देखा जाता हे। रास्ते के पास ही एक छोटा से नदी बेह रहा हे। नदी के किनारे नाना शाक-सब्जी के खेत और हरिआली दिखा जाता हे। इस नदी ऊपर बॉस लकड़ी के बनाया हुआ एक छोटा सा सुन्दर पल हे। इसी पुलसे जोड़ा हुआ गरिया बिल के ठीक बिस में एक मिटटी का लम्बा सा रास्ता हे। इस रास्ते से बिशाल जमीन की बिस में मुक्त आकाश के निसे जाने का एक सुन्दर अनुभव लाभ होता हे। इस विशाल भूमि और मुक्त आकाश के निसे जाने से मनको शांत कर देता हे।इतिहास :
इस गरिया बिल के पुबदिशा में - मुनिटारी, पश्चिम दिशा में -माँनेघाट, रांगामाटी, : उत्तर दिशामे- पुनिया : और दक्षिण दिशामें- काडोगुरी नाम का गाँव से घेरा हुआ इस विशाल कृषि भूमि को गरिया बिल कहा जाता हे। कुछ साल पहले तक यहापर मसली, कछुए भरपूर मात्रा में पाया जाता था। इसके साथ साथ बिविन्ना पशु-पक्षी ओर जोबिक परिबेश से भरा हुवा था। लेकिन वर्त्तमान ये सब लुप्त हो रहा हे। मूल जो बिल हे उसका भी आकार धीरे धीरे काम हो जा रहा हे। बिसमे कुछ भाग की जमीन में किचार-पानी, कुछ जलज उद्भिद आदि ने बिन का अस्तित्वा बना रखा हे। इसी किसर-पानी की बिस कुछ लोगो ने मसली पाकर रही हे। बाकि सारे जमीन में स्थानीय लोगो ने बिभिन्न खेती कर रही हे। बारिश के मौसम में ये सारा अंचल पानी से भरा रहता हे। ठांड की मौसम में ही सभी तरह के खेती यहां किया जाता हे।
बर्तमान स्थति :
वर्त्तमान इस गरिया बिल को एक पक्षी उद्दायन यानि Bard Sentury बनाने केलिए स्थानीय विधायक ने घोसना की हे। वर्त्तमान समय में ये एक उसित सिद्धांत हे। यहां पर एक पक्षी उद्यान होना अति आवश्यक हे। किउकी यहां पर पक्षी बहुति ही काम दिखा जाता हे। जो पहले बिभिन्न पक्षी यहां भरी मात्रा में देखा जाता था, बिल का परिशर धीरे धीरे काम होने के कारन किसर और जंगल भी कम होने लगा हे। और इसी कारन पक्षीया केहि लुप्त हो रहा हे। मानब समाज के लिए ये एक बहुतही दुःख की बात हे। इसीलिए इसी पक्षी कुल के लिए एक बिसरण भूमि निर्माण करने के लिए स्थानीय विधायक श्री गुरुज्योति दसदेब ने जो घोसना की हे समय के साथ लिया गया एक बहुतही महान सिद्धांत हे। ये घोसित पक्षी उद्यान जितनी जल्दी निर्माण हो सके उतनी ही जल्दी हमारा पक्षी कुल के साथ साथ पर्यावरण के भी रक्षा होगा। बिभिन्ना प्रजाति पक्षिओंको रहने का एक स्थान मिलेगा।
समाप्त :
जब ये पक्षी उद्दायन यानि Bard Sentury बन जाएगा तब ये गरिया बिल बिभिन्न पक्षिओ से भर जायेगा, मछली, कछुए भरपूर गोगा । तब दर्रांग बसिओ के लिए इससे बड़ा गौरव और किया हो सकता हे। तब सिर्फ दर्रांग जिल्ला ही नहीं असम तथा पूरी बिस्वा का दृस्टि यहां पर होगा। इसीलिए सभी ससेतन लोग, दाल-संगठन, एन.जी.ओ. और बिसेष रूप से नैय प्रजन्म के लोग इसकी तरफ आगे आकर इस महान कार्य को सफल बनाए। तब ये अच्छा दिन जरूर आएगा, बहुत जल्द आएगा। और इस गोरिया बिल पूर्ब की तरह पशु, पक्षी, मछली, कछुवे आदि बिभिन्न पेड़-पौधो से भर जाएगा। ये दिन बहुत जल्द आए इसीका सुभकामना।
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