Location : Vill- Kumarpara, P.O. Deomornoi, P.S. Mangaldai, Dist- Darrang (Assam), PIN- 784147, India
गाँव- कुमारपारा, डाक- देवमोरनोई, जिल्ला- दररंग (असम), पिन- ७८४१४७, भारत


नमस्कार ! आज में दररंग जिल्ला का एक प्राचीन, प्राकृतिक रूप से भरपूर, तथा जोइबोबोईचित्रतासे भरा एक तालाब के बारे में कुछ जानकारी देने का प्रयाश करूँगा। 


परिचय : दररंग जिला का मंगलदोई सहर से पछिम-उत्तर कोने में लग-भाग 8-9 किलोमीटर दुरी में ऐतिहासिक इलाका देवमोरनोई चौक के थोड़ा सा पहले कुमारपारा नाम का एक गाँव हे। इसी गाँव का मुख्य रस्ते के किनारे एक शिवमंदिर हे और यही वो प्राचीन खूबसूरत तालाब जिस का नाम पदमपुखूरी हे। इस तालाब को मुख्य रस्ते से ही स्पष्ट रूप से देखा जाता हे। 

*** इस तालाब में पानी बहुतही कम रहते हे लेकिन जलज उद्भिद से भरा हुवा हे। इसीलिए सईद स्थानीय भाषा के अनुसार यहा के कुछ लोग इस तालाब को पीतपरा पुखुरी भी बलता हे।

*** इस गाँव के बुजुर्ग लोगोके अनुसार ये तालाब वर्तमान 48 बीघा जमीन में फैला हुवा हे। तालाब के दक्षिण दिशा में एक शिवमंदिर, मंदिर के सामने कुछ प्राचीन पेड़, इनमे से एक बहुतही प्राचीन लगता हे। तालाब के सरोवर जो पार या किनारे होता हे इनमे से तीन दिशा की पार का लग भाग 90 प्रतिशद ध्वस्त किया गया हे। उत्तर दिशा में जो पार हे उसका लग भाग 50 प्रतिशद वर्तमान सुरक्षित अबस्था में हे। इस पार को मूल रस्ते से स्पस्ट रूप से सभी लोग देख सकते हे। इसी सुरक्षित पार के अंक्ष को देख कर ये अनुमान लगाया जा सकता हे की इस तालाब का सारो पार कितने विशाल और सुन्दर थे। जिन महान लोगोने इसे निर्माण किया कितने मेहनत और महान उद्देश्य रहा होगा। 

*** पूब दिशा में एक विद्यालय हे, पछिम-दक्षिण कोने में एक क्लब घर बना हुवा हे। पछिम दिशा की पार वर्तमान जंगल से भरा हुवा हे। उत्तर दिशा की अखयत अबस्था में जितनी पार बसा हुवा वहा भी जंगल से भरा हे। 



*** वर्तमान इस तालाब में बिभिन्न जलज उद्भिद से भरा हुवा हे। और मध्य भाग में बहुत सरे कमल खिल रहा हे। इस तालाब में स्थानीय मछली भरपूर मात्रा में रहते हे। बारिश के मौसम में तालाब का मछली बहार निकल अता हे। यहां का लोग इसे मछली का उजान उठा बोलते हे। और तालाब में हरवक्त बिभिन्न पक्षिओ से भरा रहता हे। 

*** इन सब को देख के इस पदुम पुखुरी नाम का तालाब ने मनको मोहित कर देता हे। तालाब की सरोवर प्राकृतिक सुन्दर्य और मद्य भाग में स्थित पानी भाग का सुन्दर्य अतुल्न्य। तालाब में सर रहे बिभिन्न पक्षी साथ में वहा स्थित जलज उद्भिद तथा खिलता हुवा कमल का पेड़ सच में देख ने लायक हे। 

*** इसे देख के प्रकृति प्रेमिओ को बहुत अच्छा महसूस होगा। 



समाप्त : प्राकृतिक उपादान से भरपूर इस पदुम पुखुरी को सरकार और स्थानीय लोग मिलके जितनी जल्द हो सके इसे संरक्षण करना बहुतही जरुरी हे। इसका सुन्दर्य  से भरा प्राकृतिक जो जोइबोबोईचित्रतासे भरा हुवा हे विशेष रूपसे पानी भाग को जिस तरह हे ठीक उसी तरह रखने की ब्यबस्था की जाय। दूसरी तरफ तालाब का सारो पार को मरम्मत करके आधुनिक शोभा बर्धन का काम कर सकते हे। इसके द्वारा इस तालाब का गौरव बढ़ जायेगा। देश विदेश के लोग यहा तक इसे देख ने आएगा और इस जगह एक पर्यटन का स्थल होने का पूर्ण सम्भाबना हे। 

*** तालाब के पार समूह को ले कर तालाब की सरवोर हरा तृण से इतनी सुंदर से ढाका हुवा हे की केहि भी थोड़ा सा मिटटी भी दिखाई नहीं देता। जैसे एक हरा सदर लपेटे हुवा हे। सरोवर हरियाली ही हरियाली हे। कितनी अपूरब ये दृश्य। 

*** साथ में तालाब के निसे की भाग में छोटे छोटे जलज उद्भिद के बीज बीज में छिप छिप पानी का दृश्य बहुतही खूबसूरत हे इसे देख ने से ही अनुभव किया जा सकता हे। 

*** वर्तमान समय में देखा जाता हे की प्राचीन तालाब समूह संरक्षण के नाम पर इसे काट कर wal देते हे और मीन पालन करता हे, और इस प्राचीन तालाब समूह में स्थित जो प्राकृतिक जोइबोबोईचित्रतासे भरा जलज उद्भिद समूह हमेशा हमेशा केलिए धंश कर देता हे। जिसके फलस्वरूप हमारा परिबेश प्रदूषित हो रहे हे। और इससे भी महत्वपूर्ण इसतरह की जलज उद्भिद समूह अब देखने को भी नहीं मिलता। साथ में इस तालाब में सर रहे उन पक्षी समूह कहा जायेगा ? यदि इस तालाब को इसी रूप में संरक्षण किया जाय तो निश्चित रूप से ये सब यही पर रहेगा, तब ये तालाब और कितनी सुन्दर लगेगा ?  



*** इसीलिए दररंग का ये पदुम पुखुरी की जोइबोबोईचित्र समूह किसीभी कारन बस धंस ना किया जाय। भविश्व में ये जलज उद्भिद समूह को देखने हेतु लोग यहाँ पर आने केलिय मजबूर होगा। 



*** अंत में सभी पक्ष को एक ही अनुरोध इस पदुम पुखुरी को बहुतही जल्द संरक्षण करे। लेकिन तालाब का वर्तमान जिस रूप में हे पूर्ब में भी इसी तरह हे। इसीलिए इस रूप को किसीभी कारन ख्यति ना पहुचाय। वो जिस रूप में हे ठीक उसी रूप में ही संरक्षण करे तभी इस तालाब का असली गरिमा रक्षा होगा और विश्व के आगे एकदिन समक उठेगा। 

*** जोईतो पदुम पुखुरी और जोईतु कुमारपारा गाँव के लोग ***


निसे इस तालाब का हरा-भरा दृश्य का दर्शन करे -






























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