Village- Gerua, P.S. Kalaigaon, District- Udalguri (BTAD) Assam, PIN- 784525

खाम्पाहाला माँ कामाख्या देवालया (मंदिर)

गाँव- गेरुआ, थाना- कलईगाँव, जिला- उदालगुरी (बि.टि.ए.दि) असम,  पिन- ७८४५२५



गुहाटी से मंगलदोई हो कर कलईगाँव मेकंजी सड़क से ३ कि: मि: उत्तर दिशा में गेरुआ नाम का एक स्थान में खाम्पाहाला माँ कामाख्या देवालया (मंदिर) स्थित है। 

प्रचार और प्रखार की दिशा में बिलकुल अंधकार में हे ये मंदिर। 

मंदिर की दक्षिण में एक बहुत बरा जलासई था। लेकिन आज से ७-८ साल पेहेले 'ननओइ' नाम का एक नदी का बड़ पानी ने इस जलासई को पूरी तरह मिटटी से धक दिया। इसी जलासई के किनारे कुछ पत्थर की मूर्तिया इस बात का प्रमाण करता हे की यहा पर किसी ज़माने में एक बहुत बरा मंदिर था। प्राकृतिक कारन से ये मंदिर जमीन के निसे दाप गई। अभी यहां की लोगोकी मदत से एक नया मंदिर बनाया गया हे। 



मंदिर के अंदर धर्म, माँ काली, शिब और माँ शीतला का ४ अशन हे। नए मंदिर के सामने दो डोवारपाल का मूर्ति हे। पेहेले इस मंदिर में बरो संप्रदाय की लोग पूजा करते थे। आजकल राभा सरनिया संप्रदाय की लोगोने मंदिर में पूजा करने का जिम्मा बखूबिसे सम्भाल रहा हे । हर साल बैसाख (अप्रैल) महिने की (१) एक तारीख को मंदिर का बरा उत्सव मनाया जाता हे। इस उत्सव में यहा पर 'सूअर' का बलि दिया जाता हे। 

इसी महीने में "देऊल" उत्सव बरी धूम धाम से मनाया जाता हे। इसमें हजारो की तादात से स्वरधालु जमा होते हे। इस मंदिर का और एक विशेष अनुष्ठान "डोलोई" का सुनाव। ४ अशन के लिए ४ डोलोई अगले ५ साल के लिए सुनाव किया जाता हे। मतलब गणतांत्रिक पद्धति को यहा माना जाता हे।
  


इस मंदिर में और एक खाश उत्सव आघोन महीने में नया फसल खाइए जाता हे। नया फसल काटने के बाद सबसे पेहेले मंदिर में भेट सराय जाता हे। इस से ईस्वर के प्रति अटूट विश्वाश और प्रेम दिखा जाता हे। इसके बाद सभी लोग एक साथ नये अनाज खाते हे। 

इसीसे एक दूसरे के साथ सदभाव, प्रेम और संप्रीति का एक लहर दुनिआ में बेह जाता हे।




अंत में ये आशा करता हु की इस खाम्पाहोला माँ कामाख्या देवालय का प्रचार और प्रखार हो और पूरी दुनिया इसे देखे। 

ॐ 

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