Vill- Ramgaon, P.O.- Burhinagar, P.S.- Saipajhar, Dist. Darrang (Assam), Pin- 784, India

बोरा पुखुरी

गाँव- रामगाऊँ, डाक- बुरहीनगर, थाना- सिपाझार, जिल्ला- दर्रांग (असम), पिन- ७८४ , भारत 





नमस्कार !! आज में दर्रांग जिल्ला के एक बहुतही सुन्दर प्राचीन तालाबों के बारेमे बताने जा रहा हु। ये तालाब एक अपूर्व प्राकृतिक परिबेश में स्थित हे। तालाबों के सारो वोर हरतरफ कृखी भूमि और मुक्त इलाका हे। 






परिचय :
दर्रांग जिला के पछिम दिशा में मंगलदाई सहर से लग भग 15-20 किलोमीटर दुरी में रामगाऊँ नाम के एक सुन्दर गाँव में ये बोरापुखूरी नाम का तालाब स्थित हे। इस तालाब में करीब 80-100 बीघा जमीन हे। इस तालाब में होमेसा कमल फूलो से भरा रहता हे। पूरी तालाब कमल और पत्ते से घेरा हुवा हे। इस समय तालाब से मछली पकड़ा जाता हे। इसीलिए तालाब का कमल और पत्ते काट कर उठा देता हे। तभी तालाब में जाल फेका जा सकता हे। तालाब बहुतही गभीर होने के कारन नौका के सहायता से जाल फेक कर किनारे से जाल को खिस खिस कर मछलिया उठाया जाता हे। पूरी दिनभर में सिर्फ एक ही बार जाल उठाया जाता हे। सुबह जाल फेकते हे और पूरी दिनभर खिस खिस कर साम को उठा सकता हे। इस तरह मछली पकड़ने में 7-8 दिन लाग जाता हे। मछली भी बहुत सारा होता हे, बहुत बड़ा भी होता हे। इस तालाब का छली बहुति स्वादिस्ट होता हे। 

***    मछली पकड़ने से पहले तालब के नाम पूजा दिया जाता हे, ऐसा परम्परा हे। उसके बाद ही तालाब में जाल फेका जाता हे। 

***   इस तालाब कब, किसने निर्माण किया इसका कोई जानकारी प्राप नहीं हुई। 
















वर्तमान स्थिति :
ये ऐतिहासिक बोरापुखूरी नाम का तालाब और इसका सरोवर का परिवेश बहुतही सुन्दर हे। वर्तमान दक्षिण दिशा की किनारे मिटटी JCB से काट कर समन करदिया गया हे। तालाब के पानी भाग पासके कृखी भूमि से काफी ऊपर होते हे मानो एक बड़ा गामले में भरा हुवा पानी रखा हे। इस तालाब का गभीरता अनुमान नहीं लगाया जा सकता। तालाब के सरोवर सम्पूर्ण मुक्त कोई भी बड़ा पैर पढ़े नहीं हे। 







समाप्त :
दर्रांग जिले का बहुतही प्राचीन तथा ऐतिहासिक ये बिशाल तालाब का सुन्दर्य और इसमें भरा हुवा कमल के फूलो का सुन्दर्य सच में अपूर्ब। जिसे देखने के बाद ही अनुभव किया जा सकता हे। आने वाले भविश्व के लिए इस तालाब को संरक्षण करना बहुतही आवश्यक हे। स्थानीय लोग पूरी तरह सजक हो कर इसका सोभा वर्धन करे, संरक्षण करे और सबसे महत्वपूर्ण इसका प्रचार करे।  ताकि दुनिया की आगे ये समके। 

***  अंत में आशा करता हु की इस बोरापुखूरी का सुन्दरता आतशी तरह संरक्षण हो। साथ साथ इस रामगाऊँ का भी प्रगति हो और पूरी दुनिया इसकी सुन्दरताको देखे और जाने। 

---- जोई तू बोरापुखूरी, जोई तू रामगाऊँ -----

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